GenAI Skills का बढ़ता असर: भारत में AI सीखने वाले Freshers को मिल सकती है 15% तक ज्यादा Salary, जानिए नई रिपोर्ट में क्या कहा गया

GenAI Skills का बढ़ता अस

नई दिल्ली: भारत में नौकरी और करियर का बाजार तेजी से बदल रहा है। Artificial Intelligence यानी AI और Generative AI (GenAI) अब केवल टेक कंपनियों तक सीमित नहीं रह गए हैं। इन तकनीकों की जानकारी रखने वाले युवाओं की मांग लगातार बढ़ रही है। इसी बीच एक नई रिपोर्ट ने भारतीय छात्रों और fresh graduates के लिए महत्वपूर्ण संकेत दिए हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, भारत में लगभग 58 प्रतिशत employers ऐसे fresh graduates को 15 प्रतिशत से अधिक higher starting salary देने के लिए तैयार हैं, जिनके पास GenAI से जुड़े industry-recognised micro-credentials हैं। यह आंकड़ा सर्वे में शामिल देशों में सबसे अधिक बताया गया है।


GenAI Skills क्यों बन रही हैं नौकरी की ताकत?

आज कंपनियां केवल डिग्री और अच्छे अंकों के आधार पर उम्मीदवारों का चयन नहीं कर रहीं। Employers ऐसे candidates की तलाश कर रहे हैं, जो बदलती technology के साथ काम करना जानते हों।
GenAI skills की मदद से professionals content creation, data analysis, coding, research, automation और कई दूसरे कामों को अधिक प्रभावी तरीके से कर सकते हैं। इसलिए AI tools को समझने और उनका जिम्मेदारी से इस्तेमाल करने वाले candidates को नौकरी के बाजार में competitive advantage मिल सकता है।


Micro-Credentials क्या होते हैं?

Micro-credentials छोटे और focused skill-based courses या certifications होते हैं। इनका उद्देश्य किसी एक specific skill को सीखना होता है।

उदाहरण के लिए कोई व्यक्ति निम्न क्षेत्रों में micro-credential हासिल कर सकता है:

Generative AI

Prompt Engineering

Data Analytics

Cloud Computing

Cybersecurity

Machine Learning

Traditional degree की तुलना में micro-credentials का focus किसी specific practical skill पर होता है। यही वजह है कि कई employers इन्हें उम्मीदवार की अतिरिक्त skill का संकेत मान रहे हैं।


भारतीय Freshers के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह खबर?

भारत में हर साल बड़ी संख्या में युवा graduation के बाद नौकरी की तलाश करते हैं। लेकिन केवल degree होने से job market में अलग पहचान बनाना मुश्किल हो सकता है।
नई रिपोर्ट यह संकेत देती है कि degree के साथ practical और future-ready skills उम्मीदवारों के लिए अधिक महत्वपूर्ण होती जा रही हैं। Report के अनुसार, 81 प्रतिशत भारतीय employers का मानना है कि micro-credentials वाले graduates hiring process में तेजी से आगे बढ़ते हैं। इसके अलावा, 97 प्रतिशत employers ने माना कि ऐसे graduates अपने पहले साल में बेहतर performance कर सकते हैं। (Free Press Journal)


क्या केवल AI Certificate लेने से Salary बढ़ जाएगी?

यहां एक महत्वपूर्ण बात समझना जरूरी है। सिर्फ certificate हासिल कर लेना higher salary की guarantee नहीं है।
Companies आमतौर पर यह देखना चाहती हैं कि candidate ने वास्तव में क्या सीखा है और वह उस skill को practical work में कैसे इस्तेमाल कर सकता है।

इसलिए GenAI सीखने वाले students को केवल certificate पर निर्भर रहने के बजाय:

छोटे AI projects बनाने चाहिए

सीखी गई skills का practical इस्तेमाल करना चाहिए

अपने काम का portfolio तैयार करना चाहिए

AI की limitations और ethical concerns को समझना चाहिए

Communication और problem-solving skills पर भी ध्यान देना चाहिए


AI Skills के साथ Human Skills भी जरूरी

AI के बढ़ते इस्तेमाल का मतलब यह नहीं है कि केवल technical knowledge ही काफी होगी। कंपनियों को ऐसे professionals की जरूरत होगी जो AI tools के साथ-साथ communication, creativity, critical thinking और decision-making में भी अच्छे हों।
आने वाले समय में सबसे ज्यादा demand उन लोगों की हो सकती है जो AI को समझते भी हों और उसका इस्तेमाल करके वास्तविक समस्याओं को हल भी कर सकें।


भारत में बदल रहा है Job Market

यह रिपोर्ट भारत के job market में हो रहे बड़े बदलाव की ओर इशारा करती है। अब उम्मीदवारों की value केवल उनकी degree से तय नहीं होगी। Skill-based learning, practical experience और नई technologies को समझने की क्षमता भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
हालांकि, GenAI certification को नौकरी या salary की guarantee नहीं समझना चाहिए। बेहतर career opportunities के लिए certificate के साथ practical knowledge और वास्तविक projects का अनुभव भी जरूरी है।


निष्कर्ष

Generative AI तेजी से भारत के employment landscape को बदल रहा है। नई रिपोर्ट के अनुसार, 58 प्रतिशत भारतीय employers GenAI micro-credentials वाले fresh graduates को 15 प्रतिशत से अधिक higher starting salary देने के लिए तैयार हैं।
यह युवाओं के लिए एक स्पष्ट संकेत है कि भविष्य की नौकरियों में “डिग्री + Practical Skills + AI Literacy” का combination महत्वपूर्ण हो सकता है। जो students अभी से AI और GenAI की practical understanding विकसित करेंगे, वे बदलते job market में खुद को बेहतर तरीके से तैयार कर सकते हैं।


writter: Newsgali

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