J&K में बारिश का कहर: Poonch-Rajouri में Flash Floods और Landslides, 14 लोगों की मौत; Amarnath Yatra रोकी गई
नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही भारी बारिश ने कई इलाकों में गंभीर स्थिति पैदा कर दी है। Poonch और Rajouri जिलों में अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन से भारी तबाही की खबर है। ताजा रिपोर्टों के अनुसार, इस प्राकृतिक आपदा में कम से कम 14 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है।
अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन से मची तबाही
भारी बारिश के बाद पहाड़ी इलाकों में अचानक पानी का बहाव बढ़ गया। कई स्थानों पर flash floods और landslides के कारण सड़कें प्रभावित हुईं और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की कोशिश की गई।
कई इलाकों में मलबा जमा होने और संपर्क मार्ग बाधित होने से राहत-बचाव कार्यों में चुनौतियां सामने आ रही हैं। प्रशासन, पुलिस, सेना और SDRF की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में राहत और खोज अभियान चला रही हैं।
कई लोग अभी भी लापता
अधिकारियों के अनुसार, मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है क्योंकि कुछ लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। बचाव दल प्रभावित इलाकों में खोज अभियान चला रहे हैं और मलबे के नीचे फंसे लोगों की तलाश की जा रही है।
प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकालना और उन्हें आवश्यक राहत उपलब्ध कराना है।
Amarnath और Vaishno Devi Yatra पर भी असर
खराब मौसम और लगातार बारिश को देखते हुए श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए Amarnath Yatra को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। Vaishno Devi Yatra पर भी मौसम की स्थिति का असर पड़ा है। अधिकारियों ने यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए मौसम सुधरने तक सावधानी बरतने का फैसला किया है।
प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी
मौसम की स्थिति को देखते हुए प्रशासन प्रभावित जिलों में लगातार हालात की समीक्षा कर रहा है। राहत और बचाव एजेंसियों को अलर्ट पर रखा गया है। अधिकारियों की ओर से लोगों से मौसम संबंधी चेतावनियों को गंभीरता से लेने और जोखिम वाले इलाकों से दूर रहने की अपील की जा रही है।
आगे भी भारी बारिश का खतरा
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के बीच जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। ऐसे में पहाड़ी इलाकों में flash floods और landslides का खतरा बना हुआ है।
फिलहाल प्रशासन की नजर प्रभावित क्षेत्रों पर है और राहत-बचाव अभियान जारी है। लोगों से अपील की जा रही है कि वे अनावश्यक रूप से जोखिम वाले इलाकों की ओर न जाएं और स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करें।
जम्मू-कश्मीर में बिगड़े मौसम ने एक बार फिर पहाड़ी इलाकों में अचानक आने वाली बाढ़ और भूस्खलन के खतरे को सामने ला दिया है। आने वाले घंटों में राहत और बचाव अभियान के साथ-साथ मौसम की स्थिति पर भी सभी की नजर बनी रहेगी।
writter : Newsgali
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