असम में लगातार बारिश और बाढ़ का कहर, तीन लाख से अधिक लोग प्रभावित
गुवाहाटी, 2 अगस्त 2026: असम में लगातार हो रही भारी बारिश ने एक बार फिर जनजीवन को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। राज्य के कई जिलों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है, जिससे तीन लाख से अधिक लोग प्रभावित बताए जा रहे हैं। कई गांवों और कस्बों में जलभराव के कारण लोगों का दैनिक जीवन बाधित हो गया है, जबकि प्रशासन राहत और बचाव कार्यों में जुटा हुआ है।
कई जिलों में स्थिति चुनौतीपूर्ण
लगातार बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में पानी भर गया है। कई ग्रामीण क्षेत्रों का संपर्क मुख्य सड़कों से टूट गया है, जिससे आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित हो रही है। कुछ स्थानों पर लोगों को सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों में पहुंचाया गया है।
राहत और बचाव अभियान जारी
राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री पहुंचाने का काम तेज़ी से कर रहे हैं। नावों और अन्य आपातकालीन संसाधनों की मदद से लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा रहा है। कई जिलों में अस्थायी राहत शिविर स्थापित किए गए हैं, जहां भोजन, पीने का पानी और प्राथमिक चिकित्सा की व्यवस्था की जा रही है।
सरकार की प्राथमिकता
राज्य सरकार ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि प्रभावित परिवारों तक सहायता समय पर पहुंचे और पुनर्वास कार्यों में तेजी लाई जाए। प्रशासन लगातार स्थिति की निगरानी कर रहा है तथा जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त राहत दलों को तैनात किया जा रहा है।
मौसम विभाग की चेतावनी
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार आने वाले दिनों में भी असम के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। ऐसे में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
नागरिकों के लिए सावधानियां
- अनावश्यक रूप से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जाने से बचें।
- नदी और तेज बहाव वाले इलाकों से दूरी बनाए रखें।
- प्रशासन द्वारा जारी चेतावनियों और मौसम अपडेट पर नजर रखें।
- आपातकालीन स्थिति में स्थानीय हेल्पलाइन या राहत केंद्र से संपर्क करें।
निष्कर्ष
असम में जारी बारिश और बाढ़ ने हजारों परिवारों के सामने नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। राहत और बचाव कार्य लगातार जारी हैं, लेकिन मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए आने वाले कुछ दिन बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। ऐसे समय में प्रशासनिक सहयोग और नागरिकों की सतर्कता दोनों ही नुकसान को कम करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
Writter:Newsgali
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