बलिया में गंगा का जलस्तर बढ़ा, 10 गांवों का संपर्क प्रभावित; निचले इलाकों में घुसा पानी
बलिया। गंगा नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर ने बलिया जिले में बाढ़ की चिंता बढ़ा दी है। गुरुवार को नदी का पानी माल्देपुर से टेंगरहीं तक एनएच-31 के करीब पहुंच गया। पंखरुखिया से टेंगरहीं के बीच भी पानी का दबाव बढ़ने की जानकारी सामने आई है। जिले के कई निचले इलाकों और नदी किनारे बसे गांवों में बाढ़ का पानी पहुंचने से जनजीवन प्रभावित होने लगा है।
निचले इलाकों में पहुंचा बाढ़ का पानी
गंगा का पानी बलिया शहर के निचले इलाकों तक पहुंच गया है। निहोरा नगर, गायत्री कॉलोनी और गायत्री मंदिर क्षेत्र में पानी घुसने की सूचना है। वहीं कंसपुर दियरा और वजीरापुर में 50 से अधिक घरों में पानी पहुंचने की बात सामने आई है। इससे प्रभावित परिवारों के सामने रोजमर्रा की जरूरतों और सुरक्षित आवागमन की चुनौती बढ़ गई है।
कई गांवों का संपर्क प्रभावित
बढ़ते जलस्तर का असर दियारा और नदी किनारे बसे गांवों पर भी दिखाई दे रहा है। ग्राम पंचायत गोपालपुर के दुबे छपरा और उदई छपरा तथा दया छपरा क्षेत्र के प्रसाद छपरा, आलम राय के टोला, मुरली छपरा और बुधन चक में बाढ़ का पानी पहुंचने की जानकारी है।
इसके अलावा जगदेवा ग्राम पंचायत और टेंगरहीं ग्राम पंचायत के वंश गोपाल छपरा में भी पानी भर गया है। पानी बढ़ने के कारण कई जगह ग्रामीणों के आवागमन पर असर पड़ा है।
59.77 मीटर पहुंचा गंगा का जलस्तर
केंद्रीय जल आयोग के गायघाट केंद्र के अनुसार गुरुवार शाम चार बजे गंगा का जलस्तर 59.77 मीटर दर्ज किया गया। उस समय नदी का जलस्तर करीब एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा था।
जलस्तर में जारी बढ़ोतरी के कारण नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। आने वाले समय में जलस्तर की स्थिति के आधार पर प्रभावित क्षेत्र बढ़ने की आशंका बनी हुई है।
एनएच-31 पर भी बढ़ा पानी का दबाव
गंगा की लहरें माल्देपुर से टेंगरहीं तक एनएच-31 के करीब पहुंच गई हैं। पंखरुखिया से टेंगरहीं के बीच भी सड़क पर पानी का दबाव बढ़ने की जानकारी सामने आई है। ऐसे में प्रशासन और स्थानीय लोगों की नजर नदी के जलस्तर के साथ-साथ सड़क संपर्क पर भी बनी हुई है।
प्रशासन की निगरानी बढ़ी
बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन की निगरानी जारी है। पानी से घिरे इलाकों में सुरक्षित आवागमन और राहत व्यवस्था पर नजर रखी जा रही है। ग्रामीणों के लिए सबसे बड़ी चिंता घरों के आसपास जमा पानी, आवागमन और जरूरी सामान की उपलब्धता को लेकर बनी हुई है।
बलिया में हाल के दिनों में गंगा और सरयू दोनों नदियों के बढ़ते जलस्तर के कारण बाढ़ की स्थिति गंभीर रही है। 2 सितंबर की रिपोर्ट में जिले में करीब 20 हजार लोगों के प्रभावित होने और 47 नावों के राहत कार्य में लगाए जाने की जानकारी भी सामने आई थी।
ग्रामीणों में बढ़ी चिंता
गंगा का पानी लगातार बढ़ने से नदी किनारे बसे परिवार अपने घरों और जरूरी सामान को लेकर चिंतित हैं। कई इलाकों में पानी पहुंचने के बाद लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। ग्रामीण प्रशासन से राहत, सुरक्षित आवागमन और जरूरत पड़ने पर बचाव की व्यवस्था मजबूत रखने की उम्मीद कर रहे हैं।
फिलहाल गंगा का जलस्तर बढ़ने का सिलसिला जारी है। गुरुवार शाम 59.77 मीटर जलस्तर दर्ज होने और करीब एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की वृद्धि के बाद निचले इलाकों में सतर्कता जरूरी है। प्रशासन की निगरानी के बीच लोगों की नजर अब गंगा के अगले जलस्तर और बाढ़ की स्थिति पर बनी हुई है।
Writter:Newsgali
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