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बक्सर से गंगा में बहकर बलिया पहुंचीं सुनैना देवी, 10 दिन बाद जिंदा मिलीं; मल्लाहों ने बचाई जान

बक्सर की 55 वर्षीय सुनैना देवी गंगा की तेज धारा में बहकर बलिया पहुंच गईं। करीब 10 दिन बाद चैनछपरा में मल्लाहों ने उन्हें सुरक्षित बचाया। पढ़ें पूरी कहानी।

बक्सर से गंगा में बहकर बलिया पहुंचीं सुनैना देवी, 10 दिन बाद जिंदा मिलीं; मल्लाहों ने बचाई जान

*बलिया* । बलिया में सामने आई एक घटना ने लोगों को हैरान कर दिया। बिहार के बक्सर जिले की रहने वाली 55 वर्षीय सुनैना देवी गंगा की तेज धारा में बहने के करीब 10 दिन बाद उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में जीवित मिलीं। उन्हें हल्दी थाना क्षेत्र के चैनछपरा गांव के सामने से सुरक्षित बाहर निकाला गया।

स्नान के दौरान तेज धारा में बह गई थीं सुनैना

रिपोर्टों के अनुसार, सुनैना देवी बिहार के बक्सर जिले के कपुरपट्टी गांव की रहने वाली हैं। वह गंगा में स्नान करने गई थीं। इसी दौरान अचानक नदी की तेज धारा की चपेट में आ गईं और बहने लगीं। परिवार के लोगों ने उनकी काफी तलाश की, लेकिन कई दिनों तक उनका कोई पता नहीं चला। उनके लापता होने के बाद बिहार में गुमशुदगी की सूचना भी दर्ज कराई गई थी।
परिवार के लिए सबसे बड़ी चिंता यह थी कि आखिर सुनैना देवी कहां गईं। उनके तीन बेटे राजू गोंड, जितेंद्र गोंड और कमलेश गोंड लगातार अपनी मां की तलाश में जुटे हुए थे। किसी को यह अंदाजा नहीं था कि वह गंगा की धारा के साथ बहते हुए बलिया तक पहुंच जाएंगी।

बाढ़ के पानी के बीच झोपड़ी बनी सहारा

बताया गया कि गंगा की धारा में बहने के बाद सुनैना देवी किसी तरह बलिया के चैनछपरा गांव के सामने पहुंचीं। यहां बाढ़ के पानी के बीच परवल के खेत में बनी एक झोपड़ी उन्हें दिखाई दी। उन्होंने इसी झोपड़ी में शरण ली।
चारों तरफ पानी होने के कारण उनके लिए वहां से बाहर निकलना आसान नहीं था। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने कई दिन उसी स्थान पर रहकर मदद का इंतजार किया। इस दौरान उन्होंने गंगा का पानी पीकर किसी तरह खुद को जीवित रखा।

मदद की तलाश में निकलीं तो फिर मुश्किल में फंसीं

करीब 10 दिन बाद सोमवार की सुबह सुनैना देवी ने झोपड़ी से बाहर निकलकर मदद की तलाश करने की कोशिश की। पानी के बीच आगे बढ़ते समय वह अचानक गहरे पानी में फंस गईं और डूबने लगीं।
इसी दौरान आसपास मछली पकड़ रहे कुछ मल्लाहों ने उनकी आवाज सुनी। मल्लाहों ने मौके पर पहुंचकर उन्हें पानी से बाहर निकाला। स्थानीय लोगों के मुताबिक, महिला उस समय मदद के लिए पुकार रही थीं। मल्लाहों की तत्परता से उनकी जान बच गई।

पुलिस ने पहचान कर परिजनों को दी सूचना

महिला के सुरक्षित मिलने की जानकारी मिलते ही आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई। पुलिस भी मौके पर पहुंची और सुनैना देवी को थाने ले गई। पहचान होने के बाद पुलिस ने उनके परिवार को सूचना दी।
सुनैना के पति, तीनों बेटे और अन्य रिश्तेदार जब बलिया पहुंचे और उन्होंने अपनी मां को सामने देखा तो परिवार भावुक हो गया। कई दिनों से लापता मां के जिंदा मिलने की खुशी में परिजनों की आंखों से आंसू निकल पड़े।

गंगा की धारा में बहकर बलिया पहुंचना बना चर्चा का विषय

बक्सर से गंगा की धारा में बहने के बाद करीब 10 दिन तक लापता रहने वाली महिला का बलिया में सुरक्षित मिलना इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। खासकर बाढ़ के पानी के बीच झोपड़ी में कई दिनों तक रहकर उनका जीवित रहना लोगों के लिए हैरान करने वाला है।
इस घटना में स्थानीय मल्लाहों की भूमिका भी बेहद महत्वपूर्ण रही। समय पर महिला की आवाज सुनकर उन्होंने उन्हें पानी से बाहर निकाला। पुलिस की कार्रवाई के बाद सुनैना देवी को उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।

Writter:Newsgali

 

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