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Delhi Building Collapse: सत्य निकेतन में 5 मंजिला PG इमारत ढही, 6 की मौत, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी Permalink:

Delhi Building Collapse: सत्य निकेतन में 5 मंजिला PG इमारत ढही

 Delhi के सत्य निकेतन में पांच मंजिला PG इमारत ढही, 6 लोगों की मौत; कई छात्र मलबे में फंसे

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार, 6 सितंबर को एक दर्दनाक हादसा हो गया। दक्षिण-पश्चिम दिल्ली में स्थित एक पांच मंजिला इमारत अचानक भरभराकर ढह गई। इमारत में छात्रों के लिए PG हॉस्टल संचालित हो रहा था। हादसे के बाद बड़े पैमाने पर राहत और बचाव अभियान शुरू किया गया। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक, हादसे में 6 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य लोग घायल हुए हैं।

दोपहर करीब 1:30 बजे हुआ हादसा

जानकारी के मुताबिक, इमारत रविवार दोपहर करीब 1:30 बजे अचानक ढह गई। दिल्ली फायर सर्विस को घटना की सूचना लगभग 1:33 बजे मिली। सूचना मिलते ही दमकल की टीमें मौके के लिए रवाना हुईं और पुलिस तथा अन्य बचाव दलों ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।

हादसे के बाद आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई। मलबे के नीचे कई लोगों के फंसे होने की आशंका के चलते बचाव दलों ने तुरंत तलाशी अभियान शुरू किया।

छात्रों का PG था ‘Hostel Daze’

रिपोर्टों के अनुसार, ढही हुई इमारत का इस्तेमाल छात्रों के लिए PG के तौर पर किया जा रहा था। यह इमारत ‘Hostel Daze’ नाम से संचालित होने की जानकारी सामने आई है। सत्य निकेतन दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के पास स्थित है और इलाके में बड़ी संख्या में छात्र PG और हॉस्टल में रहते हैं।

इसी वजह से हादसे के बाद बड़ी संख्या में छात्रों के मलबे में फंसे होने की आशंका जताई गई। शुरुआती घंटों में मलबे के नीचे मौजूद लोगों की सही संख्या स्पष्ट नहीं थी। स्थानीय लोगों और अधिकारियों के अलग-अलग अनुमानों के बीच प्रशासन लोगों की पहचान और वास्तविक संख्या का पता लगाने में जुटा रहा।

रेस्क्यू ऑपरेशन में कई एजेंसियां जुटीं

हादसे के बाद दिल्ली फायर सर्विस, दिल्ली पुलिस, NDRF, दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA), MCD और अन्य आपातकालीन एजेंसियों की टीमें मौके पर पहुंचीं।

बचावकर्मियों ने मलबे को हटाकर अंदर फंसे लोगों की तलाश शुरू की। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान कई लोगों को मलबे से बाहर निकाला गया और घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। कुछ घायलों की हालत गंभीर बताई गई थी।

बचाव अभियान के दौरान आसपास की एक इमारत को भी एहतियात के तौर पर खाली कराया गया, ताकि कमजोर ढांचे की वजह से किसी दूसरे हादसे का खतरा न रहे।

बेसमेंट में चल रहा था निर्माण और मरम्मत का काम

हादसे की वजह को लेकर सबसे बड़ा सवाल निर्माण कार्य को लेकर उठ रहा है। पुलिस और विभिन्न रिपोर्टों के मुताबिक, जिस समय इमारत गिरी, उस समय उसके बेसमेंट में निर्माण या मरम्मत का काम चल रहा था।

स्थानीय लोगों ने इमारत की उम्र, बेसमेंट में पानी जमा होने और निर्माण कार्य को लेकर भी सवाल उठाए हैं। हालांकि, इमारत गिरने का वास्तविक कारण क्या था, इसकी अंतिम पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।

इसलिए बिना आधिकारिक जांच के किसी एक कारण को हादसे की वजह बताना सही नहीं होगा।

छह लोगों की मौत

हादसे के बाद मृतकों की संख्या लगातार बढ़ती गई। 7 सितंबर की ताजा रिपोर्टों के मुताबिक, हादसे में छह लोगों की मौत हो चुकी है। कई घायल लोगों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

रेस्क्यू टीमों ने रात तक भी मलबे में संभावित रूप से फंसे लोगों की तलाश जारी रखी। प्रशासन की प्राथमिकता मलबे के नीचे किसी भी संभावित व्यक्ति तक सुरक्षित तरीके से पहुंचना रही।

बिल्डिंग मालिक के खिलाफ FIR

हादसे के बाद पुलिस ने इमारत के मालिक की पहचान की और मामले में FIR दर्ज की। रिपोर्टों के अनुसार, मालिक हरिराम बंसल और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। मामले की जांच के साथ यह भी देखा जा रहा है कि इमारत में निर्माण और सुरक्षा से जुड़े नियमों का पालन किया गया था या नहीं।

वहीं, हादसे के बाद MCD ने अवैध रूप से संचालित और चार मंजिल से अधिक वाली अवैध संरचनाओं के खिलाफ कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए हैं।

सत्य निकेतन में छात्र सुरक्षा पर उठे सवाल

सत्य निकेतन दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के पास स्थित एक प्रमुख छात्र इलाका है। यहां बड़ी संख्या में PG, हॉस्टल और अन्य छात्र सुविधाएं हैं। ऐसे में इस हादसे ने एक बार फिर छात्र आवासों की सुरक्षा, भवन निर्माण नियमों और नियमित निरीक्षण को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

फिलहाल प्रशासन हादसे के कारणों की जांच कर रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि इमारत किन परिस्थितियों में ढही और सुरक्षा नियमों के पालन में कोई लापरवाही हुई थी या नहीं।

नोट: मृतकों, घायलों और मलबे में फंसे लोगों की संख्या से जुड़ी जानकारी राहत-बचाव अभियान और आधिकारिक अपडेट के साथ बदल सकती है।

Writter:Newsgali

 

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