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नेपाल में फंसे महाराष्ट्र के 114 पर्यटक! 53 सुरक्षित, 61 से संपर्क नहीं; सरकार का Rescue Operation जारी

Nepal Flood 2026: महाराष्ट्र के 114 पर्यटक नेपाल में फंसे हैं। 53 सुरक्षित बताए गए हैं, जबकि 61 से संपर्क नहीं हो पाया है। जानिए Maharashtra government के rescue efforts और latest update.

Nepal Flood 2026: नेपाल में फंसे महाराष्ट्र के 114 पर्यटक, 53 सुरक्षित; 61 से संपर्क टूटा

नेपाल और तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई भीषण फ्लैश फ्लड ने बड़ी तबाही मचाई है। इस प्राकृतिक आपदा का असर महाराष्ट्र से नेपाल गए पर्यटकों और तीर्थयात्रियों पर भी पड़ा है। ताजा जानकारी के मुताबिक महाराष्ट्र के करीब 114 पर्यटक नेपाल के बाढ़ प्रभावित इलाके में फंसे हुए बताए गए हैं। इनमें से 53 लोगों के सुरक्षित होने की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 61 लोगों से अभी संपर्क नहीं हो पाया है।

संचार व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित होने की वजह से प्रशासन को प्रभावित लोगों तक पहुंचने और उनके बारे में जानकारी जुटाने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में महाराष्ट्र के कई परिवार अपने रिश्तेदारों और परिचितों की सुरक्षित वापसी को लेकर चिंतित हैं।

नेपाल में कैसे फंसे महाराष्ट्र के पर्यटक?

महाराष्ट्र से बड़ी संख्या में लोग नेपाल और कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए जाते हैं। इस बार भी कई यात्री टूर ऑपरेटरों के जरिए नेपाल पहुंचे थे, जबकि कुछ लोग स्वतंत्र रूप से यात्रा कर रहे थे।

महाराष्ट्र के State Emergency Operations Centre के अनुसार, प्रभावित लोगों में कुछ यात्री एक टूर एजेंसी के साथ यात्रा कर रहे थे, जबकि बाकी लोग अलग-अलग समूहों में नेपाल पहुंचे थे। बाढ़ और भूस्खलन के बाद प्रभावित इलाकों में सड़क और संचार व्यवस्था बाधित होने से यात्रियों की लोकेशन पता करना मुश्किल हो गया।

53 पर्यटकों के सुरक्षित होने की पुष्टि

इस पूरे मामले में राहत की सबसे बड़ी खबर यह है कि महाराष्ट्र के 53 पर्यटकों के सुरक्षित होने की जानकारी मिली है। अधिकारियों के मुताबिक जानकारी जुटाने का काम अभी जारी है और जैसे-जैसे प्रभावित इलाकों में संपर्क स्थापित होगा, तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।

हालांकि, बाकी 61 लोगों से संपर्क नहीं हो पाने के कारण उनके परिवारों की चिंता बनी हुई है। अधिकारियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती यही है कि प्रभावित क्षेत्रों में communication blackout की स्थिति के कारण सामान्य फोन और दूसरी संचार सेवाएं काम नहीं कर पा रही हैं।

61 लोगों से संपर्क क्यों नहीं हो पाया?

नेपाल-तिब्बत सीमा के आसपास बाढ़ ने सड़क, पुल और दूसरे infrastructure को भारी नुकसान पहुंचाया है। कई स्थानों पर मलबा जमा होने और रास्ते टूटने के कारण rescue teams के लिए प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचना भी कठिन हो गया है।

इसके अलावा मोबाइल नेटवर्क और संचार व्यवस्था प्रभावित होने के कारण किसी व्यक्ति से संपर्क न हो पाना जरूरी नहीं कि उसके साथ कोई अनहोनी हुई हो। यही वजह है कि प्रशासन ऐसे मामलों में पहले संपर्क स्थापित करने और व्यक्ति की वास्तविक स्थिति की पुष्टि करने पर जोर दे रहा है।

महाराष्ट्र सरकार ने शुरू की मदद

महाराष्ट्र सरकार की ओर से नेपाल में फंसे राज्य के नागरिकों की जानकारी जुटाने और उनकी सहायता के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार राज्य का Disaster Management Department, Tourism Department और संबंधित जिला प्रशासन आपसी समन्वय के साथ काम कर रहे हैं।

महाराष्ट्र सरकार ने नेपाल में फंसे नागरिकों और उनके परिवारों के लिए 24×7 State Control Room की व्यवस्था भी की है। रिपोर्ट के मुताबिक सहायता के लिए टोल-फ्री नंबर 1070 और State Control Room नंबर 022-69107600 उपलब्ध कराया गया है।

नेपाल में हालात कितने गंभीर हैं?

26 अगस्त को नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई अचानक फ्लैश फ्लड ने बड़े इलाके को प्रभावित किया। Bhote Koshi और Trishuli नदी क्षेत्र में बाढ़ के कारण घरों, सड़कों, पुलों और दूसरी सुविधाओं को नुकसान पहुंचा है।

अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों के मुताबिक आपदा में सैकड़ों लोगों की मौत हुई है और बड़ी संख्या में लोग अभी भी लापता हैं। कई विदेशी पर्यटक और कैलाश मानसरोवर यात्री भी प्रभावित हुए हैं। Rescue teams हेलीकॉप्टर और अन्य माध्यमों से प्रभावित इलाकों तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं।

महाराष्ट्र के परिवारों की बढ़ी चिंता

महाराष्ट्र में उन परिवारों की चिंता लगातार बढ़ रही है जिनके रिश्तेदार नेपाल की यात्रा पर गए थे। खासकर उन 61 लोगों को लेकर परिवार जानकारी का इंतजार कर रहे हैं जिनसे अभी संपर्क नहीं हो पाया है।

हालांकि प्रशासन का कहना है कि संपर्क न हो पाने की स्थिति को तुरंत लापता या असुरक्षित होने के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। प्रभावित इलाके में communication और transportation infrastructure को नुकसान पहुंचने के कारण संपर्क स्थापित करने में समय लग सकता है।

Rescue Operation पर नजर

फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता प्रभावित पर्यटकों की लोकेशन पता करना और उन्हें सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना है। महाराष्ट्र सरकार और संबंधित एजेंसियां नेपाल के स्थानीय प्रशासन तथा अन्य संबंधित संस्थाओं के साथ समन्वय कर रही हैं।

आने वाले समय में जैसे-जैसे communication networks बहाल होंगे और rescue teams प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचेंगी, महाराष्ट्र के बाकी पर्यटकों की स्थिति को लेकर भी ज्यादा स्पष्ट जानकारी सामने आने की उम्मीद है।

नेपाल में जारी यह आपदा सिर्फ एक प्राकृतिक त्रासदी नहीं है, बल्कि इसने भारत समेत कई देशों के यात्रियों की सुरक्षा को भी प्रभावित किया है। महाराष्ट्र के 114 पर्यटकों में 53 के सुरक्षित होने की पुष्टि राहत की खबर है, जबकि 61 लोगों से संपर्क स्थापित करने के प्रयास जारी हैं।

नोट: यह रिपोर्ट 28 अगस्त 2026 को उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। Rescue operation जारी रहने के कारण पर्यटकों की संख्या और उनकी स्थिति से जुड़े आंकड़े आगे अपडेट हो सकते हैं।

Writter: Newsgali

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