अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं के मामले पर बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने पहली बार सार्वजनिक प्रतिक्रिया दी है। इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में आयोजित श्री हनुमंत कथा के दौरान उन्होंने इस मामले को श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा गंभीर विषय बताया।
अपने संबोधन में धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा श्रद्धा से अर्पित किए गए दान में किसी भी प्रकार की कथित अनियमितता अत्यंत गंभीर है। उन्होंने धार्मिक संदर्भ देते हुए कहा कि त्रेतायुग में रावण ने माता सीता का हरण किया था, जबकि आज यदि भगवान के नाम पर दिए गए दान में गड़बड़ी होती है तो यह करोड़ों श्रद्धालुओं के विश्वास पर आघात है।
उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति भगवान के नाम पर किए गए दान का दुरुपयोग करेगा, उसे कानून के अनुसार दंड मिलने के साथ-साथ अपने कर्मों का भी परिणाम भुगतना पड़ेगा। उन्होंने जांच एजेंसियों पर भरोसा जताते हुए कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
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गौरतलब है कि अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़े कथित अनियमितता मामले में जांच जारी है और पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।
