विशाखापत्तनम स्टील प्लांट में भीषण हादसा:
विशाखापत्तनम, 9 जून: आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम स्टील प्लांट में सोमवार शाम एक दर्दनाक औद्योगिक हादसा हो गया, जिसमें 9 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 11 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा शाम करीब 4:15 बजे उस समय हुआ जब क्रेन की मदद से अत्यधिक गर्म लिक्विड स्टील को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाया जा रहा था।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, स्टील प्लांट के एसएमएस-2 (SMS-2) और एसटीसी-3 (STC-3) हीट एफजी विभाग में लगभग 1500 डिग्री सेल्सियस तापमान पर खौल रहे लिक्विड स्टील से भरा लैडल (विशाल पात्र) अचानक अनियंत्रित होकर झूल गया। इसके परिणामस्वरूप पिघला हुआ स्टील नीचे कार्यरत मजदूरों पर गिर गया। हादसे के तुरंत बाद क्षेत्र में आग लग गई और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
घटना की सूचना मिलते ही राहत एवं बचाव दल मौके पर पहुंचा और घायलों को तत्काल विशाखापत्तनम स्टील प्लांट अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल सूत्रों के अनुसार कई घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है।
प्रधानमंत्री मोदी ने जताया शोक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये तथा घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा भी की गई है।
उपराष्ट्रपति और मुख्यमंत्री ने भी जताया दुख
उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने हादसे को अत्यंत दुखद बताते हुए मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। वहीं आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों को घायलों के समुचित उपचार और राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।
केंद्रीय मंत्री भूपति राजू श्रीनिवास वर्मा ने भी घटना की जानकारी ली और संबंधित अधिकारियों से बचाव कार्यों की समीक्षा की।
गृह मंत्री अनीता पहुंचीं विशाखापत्तनम
आंध्र प्रदेश की गृह मंत्री वंगालापुडी अनीता ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया और प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता देने का आश्वासन दिया। घटना की जानकारी मिलते ही वह विशाखापत्तनम के लिए रवाना हो गईं और अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी।
मृतकों की पहचान
हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों की पहचान अप्पाराव, प्रभाकर राव, कृष्णा, रमना, त्रिनाथ, अप्पालाराजू और कुमार के रूप में हुई है। दो अन्य मृतकों की पहचान अभी नहीं हो सकी है।
जांच के आदेश
हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार क्रेन या लैडल में तकनीकी खराबी के चलते यह दुर्घटना हुई हो सकती है। अधिकारियों ने विस्तृत जांच के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट होने की बात कही है।
यह हादसा देश के सबसे बड़े इस्पात संयंत्रों में से एक विशाखापत्तनम स्टील प्लांट की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। मजदूर संगठनों ने घटना की उच्चस्तरीय जांच और सुरक्षा मानकों की समीक्षा की मांग की है।
Author: Newsgali
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