बिहार के आरा में महानंदा एक्सप्रेस के 2 कोच पटरी से उतरे, लाल सिग्नल पार करने के बाद हुआ हादसा

आरा में महानंदा एक्सप्रेस के दो कोच पटरी से उतरे

बिहार के आरा जंक्शन पर रविवार, 6 सितंबर की सुबह दिल्ली जा रही सिक्किम महानंदा एक्सप्रेस के दो कोच पटरी से उतर गए। घटना सुबह करीब 4 बजे के आसपास की बताई जा रही है। ट्रेन अलीपुरद्वार जंक्शन से दिल्ली की ओर जा रही थी और आरा जंक्शन पर निर्धारित ठहराव के बाद आगे बढ़ी थी। इसी दौरान यार्ड क्षेत्र के पास ट्रेन के दो कोच के पहिए पटरी से उतर गए।

हादसे के बाद ट्रेन में मौजूद यात्रियों के बीच कुछ समय के लिए अफरातफरी का माहौल बन गया। अचानक तेज झटका लगने के बाद ट्रेन को रोक दिया गया। राहत की सबसे बड़ी बात यह रही कि उपलब्ध आधिकारिक जानकारी के अनुसार किसी यात्री की मौत या घायल होने की सूचना नहीं है। ट्रेन की गति कम होने के कारण स्थिति गंभीर होने से बच गई।

लाल सिग्नल पार करने की बात सामने आई

रेलवे की शुरुआती जांच के अनुसार हादसे की वजह ट्रेन का लाल सिग्नल पार करना बताई जा रही है। ईस्ट सेंट्रल रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी के अनुसार, प्रारंभिक जानकारी में चालक द्वारा सिग्नल को गलत तरीके से पार करने की बात सामने आई है। हालांकि रेलवे ने यह भी स्पष्ट किया है कि घटना के वास्तविक कारणों की पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही होगी।

इस घटना के बाद रेलवे अधिकारियों और तकनीकी टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला। ट्रैक और परिचालन व्यवस्था की जांच की गई। घटना के कारण अप लाइन पर कुछ समय के लिए रेल परिचालन प्रभावित हुआ, जबकि डाउन लाइन पर परिचालन प्रभावित नहीं होने की जानकारी अधिकारियों ने दी।

चार घंटे से ज्यादा प्रभावित रही ट्रेन

महानंदा एक्सप्रेस के डिरेल होने के कारण ट्रेन की आगे की यात्रा भी प्रभावित हुई। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक ट्रेन को आरा से आगे रवाना करने में समय लगा और इसके चलते वह अपने निर्धारित समय से काफी देर से गंतव्य की ओर पहुंची। Indian Express की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रेन दिल्ली की ओर जाते समय चार घंटे से अधिक की देरी से आगे बढ़ी।

सिक्किम महानंदा एक्सप्रेस का ट्रेन नंबर 15483 है और यह अलीपुरद्वार जंक्शन से दिल्ली के बीच चलती है। यह लंबी दूरी की महत्वपूर्ण ट्रेन है, जिसके रास्ते में बिहार समेत कई राज्यों के प्रमुख रेलवे स्टेशन आते हैं।

रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर फिर उठे सवाल

आरा में हुई इस घटना ने रेलवे की सिग्नल और परिचालन व्यवस्था को लेकर सवाल जरूर खड़े किए हैं। अगर शुरुआती जांच में सामने आई लाल सिग्नल वाली बात सही साबित होती है, तो यह जानना महत्वपूर्ण होगा कि सिग्नल को पार करने की स्थिति कैसे बनी और उस समय ट्रेन संचालन की प्रक्रिया क्या थी।

हालांकि, अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। रेलवे की विस्तृत जांच के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि घटना के पीछे मानवीय चूक थी, तकनीकी समस्या थी या कोई अन्य कारण। फिलहाल प्राथमिकता ट्रैक और रेल यातायात को सामान्य बनाए रखना है।

आरा जंक्शन पर हुए इस हादसे में किसी यात्री के हताहत न होने से बड़ी राहत मिली है। कम गति के कारण दुर्घटना का असर सीमित रहा। रेलवे प्रशासन ने घटना के बाद आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है और मामले की जांच जारी है।

नोट: कुछ स्थानीय रिपोर्टों में इंजन समेत तीन हिस्सों के पटरी से उतरने का उल्लेख है, जबकि रेलवे/पीटीआई और Indian Express की रिपोर्टों में दो कोच डिरेल होने की जानकारी दी गई है। इसलिए प्रकाशित खबर में संख्या को “दो कोच” के रूप में रखना ज्यादा सुरक्षित है और आगे आधिकारिक अपडेट आने पर इसे संशोधित किया जा सकता है।

Writter:Newsgali

 

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