सऊदी अरब में ड्रोन हमले में गोरखपुर के कमलेश पांडेय की मौत, परिवार शव का कर रहा इंतजार

सऊदी अरब में ड्रोन हमले में गोरखपुर के कमलेश पांडेय की मौत, परिवार शव का कर रहा इंतजार

*गोरखपुर।* सऊदी अरब के दम्माम स्थित किंग फहद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर 21 अक्टूबर को हुए हमले में उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के कमलेश पांडेय की मौत हो गई। कमलेश जिले के बांसगांव क्षेत्र के किशुनपुर उर्फ बगही गांव के रहने वाले थे। घटना की जानकारी परिवार तक पहुंचने के बाद गांव में शोक का माहौल है। परिजन अब उनके पार्थिव शरीर के भारत आने का इंतजार कर रहे हैं।

दम्माम एयरपोर्ट पर हमले में गई जान

भारतीय दूतावास, रियाद ने 22 अक्टूबर को जारी बयान में बताया कि 21 अक्टूबर को दम्माम के किंग फहद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हमला हुआ था। दूतावास के अनुसार इस घटना में एक भारतीय नागरिक की मौत हुई, जबकि दो अन्य भारतीय नागरिक घायल हुए। दूतावास ने मृतक परिवार के प्रति संवेदना जताते हुए कहा कि वह सऊदी अधिकारियों के संपर्क में है और हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार मृतक भारतीय नागरिक की पहचान गोरखपुर निवासी कमलेश पांडेय के रूप में हुई है। कमलेश दम्माम एयरपोर्ट पर बस चालक के तौर पर काम करते थे। उनकी मौत की खबर सामने आने के बाद उनके पैतृक गांव किशुनपुर उर्फ बगही में मातम छा गया।

परिवार का इकलौता कमाऊ सदस्य थे कमलेश

रिपोर्टों के मुताबिक कमलेश पांडेय परिवार के लिए रोजगार के सिलसिले में कई वर्षों से सऊदी अरब में रह रहे थे। वह दम्माम एयरपोर्ट के अंदर बस चलाने का काम करते थे। करीब पांच महीने पहले ही वह घर से वापस सऊदी अरब गए थे। परिवार को उम्मीद थी कि वह विदेश में काम करके अपने परिवार की जिम्मेदारियां पूरी करते रहेंगे, लेकिन अचानक आई इस घटना ने सबकुछ बदल दिया।

कमलेश अपने पीछे पत्नी सुनीता और दो बेटियों को छोड़ गए हैं। उनके पिता हरिश्चंद्र पांडेय खेती-किसानी से जुड़े हैं। परिवार में चार भाई हैं और कमलेश दूसरे नंबर पर थे। एक भाई अंडमान-निकोबार में नौकरी करते हैं, जबकि अन्य भाई खेती-किसानी में परिवार का सहयोग करते हैं।

गांव में पसरा मातम

कमलेश की मौत की खबर जैसे ही उनके गांव पहुंची, परिवार और आसपास के लोगों में शोक की लहर दौड़ गई। पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव के लोग भी परिवार को ढांढस बंधाने के लिए पहुंच रहे हैं।

विदेश में रहकर परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी संभाल रहे कमलेश की अचानक मौत से परिजनों के सामने भावनात्मक संकट के साथ-साथ भविष्य को लेकर भी चिंता खड़ी हो गई है। परिवार की सबसे बड़ी प्राथमिकता अब उनके पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द भारत लाना है।

शव भारत लाने की प्रक्रिया जारी

कमलेश पांडेय के पार्थिव शरीर को भारत लाने के लिए परिजन संबंधित अधिकारियों से संपर्क में हैं। जिला प्रशासन भी इस मामले में भारतीय दूतावास के संपर्क में है। प्रशासन की ओर से परिवार को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने की बात कही गई है।

परिजनों को उम्मीद है कि आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद कमलेश का पार्थिव शरीर उनके गांव लाया जा सकेगा। इसके बाद परिवार अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी कर पाएगा।

दम्माम हमले में भारतीय नागरिक की मौत की दूतावास ने की पुष्टि

दम्माम एयरपोर्ट पर हुए हमले के बाद भारतीय दूतावास ने आधिकारिक रूप से एक भारतीय नागरिक की मौत और दो भारतीय नागरिकों के घायल होने की जानकारी दी थी। दूतावास ने सऊदी अरब में नागरिक और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को निशाना बनाकर किए जा रहे हमलों की निंदा भी की थी।

कमलेश पांडेय की मौत ने गोरखपुर के एक परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। परिवार और गांव के लोगों को अब उनके पार्थिव शरीर के भारत पहुंचने का इंतजार है। यह घटना उन भारतीय परिवारों की चिंता को भी सामने लाती है, जिनके सदस्य रोजगार के लिए विदेशों में काम कर रहे हैं।

फिलहाल प्रशासन और भारतीय दूतावास के स्तर पर आवश्यक प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। परिवार को उम्मीद है कि कमलेश का पार्थिव शरीर जल्द ही उनके पैतृक गांव पहुंचेगा और परिजन उन्हें अंतिम विदाई दे सकेंगे।

Writter: News Gali

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