Kolkata के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़, 19 की मौत और 25 घायल

Kolkata के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़, 19 लोगों की मौत; 25 घायल

*कोलकाता।* पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता से दुर्गा पूजा के दौरान एक बेहद दुखद घटना सामने आई है। उत्तर कोलकाता के चोरबागान स्थित सार्वजनिक दुर्गा पूजा पंडाल में भारी भीड़ के बीच भगदड़ मचने से कई लोगों की जान चली गई। इस हादसे में 19 लोगों की मौत और 25 लोगों के घायल होने की खबर सामने आई है। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज किया गया। इस घटना ने त्योहार के बीच लोगों को गहरे सदमे में डाल दिया है।

भारी बारिश के बीच कैसे हुआ हादसा?

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, शनिवार, 17 अक्टूबर 2026 की शाम चोरबागान पूजा पंडाल में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां दुर्गा के दर्शन करने पहुंचे थे। इसी दौरान तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश से बचने और पंडाल में जाने की कोशिश में भीड़ का दबाव बढ़ गया। देखते ही देखते स्थिति बिगड़ने लगी और भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई।

रिपोर्टों के मुताबिक, पंडाल के निकास द्वार के पास भी भारी भीड़ जमा थी। अचानक बढ़े दबाव के कारण कई लोग गिर पड़े। भीड़ के बीच फंसे लोगों को संभलने और बाहर निकलने का पर्याप्त मौका नहीं मिल सका। इस दौरान कई लोग घायल हो गए। शुरुआती खबरों में 17 लोगों की मौत की सूचना दी गई थी, जबकि बाद की कुछ रिपोर्टों में मृतकों की संख्या 19 बताई गई।

घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया

हादसे के बाद राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया। घायलों को निकालकर कोलकाता मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल पहुंचाया गया। अधिकारियों और राहत दलों ने घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति को संभालने की कोशिश की। घटना के बाद पंडाल में श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक लगा दी गई।

मीडिया रिपोर्टों में 25 लोगों के घायल होने की जानकारी दी गई। घायलों में कुछ की हालत गंभीर होने की बात भी सामने आई। प्रशासन और अस्पताल की ओर से स्थिति पर नजर रखी गई, ताकि जरूरतमंद लोगों को समय पर उपचार मिल सके।

प्रधानमंत्री ने जताया दुख

इस दर्दनाक घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख जताया। हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की गई और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की गई।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, प्रधानमंत्री की ओर से मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा भी की गई। इस मुश्किल घड़ी में प्रभावित परिवारों को सहायता पहुंचाना प्रशासन के लिए अहम जिम्मेदारी बन गई है।

भीड़ प्रबंधन पर उठे सवाल

कोलकाता में दुर्गा पूजा के दौरान बड़े-बड़े पंडालों में हजारों श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचते हैं। ऐसे आयोजनों में भीड़ को नियंत्रित करना, प्रवेश और निकास के रास्ते खुले रखना तथा आपातकालीन व्यवस्था बनाए रखना बेहद जरूरी होता है।

चोरबागान की घटना के बाद भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, हादसे के वास्तविक कारणों और जिम्मेदारी का निर्धारण जांच के बाद ही किया जा सकता है। इस तरह की घटनाओं से बचने के लिए आयोजकों और प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है।

विशेषज्ञों के अनुसार, बड़े धार्मिक आयोजनों में अलग-अलग प्रवेश और निकास द्वार, पर्याप्त पुलिस बल, प्रशिक्षित स्वयंसेवक, सीसीटीवी निगरानी और आपातकालीन चिकित्सा सुविधाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। बारिश या अन्य आपात स्थिति में भीड़ को एक साथ किसी संकरे रास्ते की ओर बढ़ने से रोकना भी जरूरी है।

त्योहार की खुशियों के बीच पसरा मातम

दुर्गा पूजा पश्चिम बंगाल के सबसे प्रमुख त्योहारों में से एक है। इस दौरान परिवारों के साथ पंडालों में जाना, मां दुर्गा के दर्शन करना और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में शामिल होना लोगों की परंपरा का हिस्सा है। लेकिन चोरबागान में हुए इस हादसे ने उत्सव के माहौल को दुख में बदल दिया।

Writer: News Gali

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