Ballia के 4 साहित्यकारों को मिलेगा ‘साहित्य गौरव’ सम्मान, बिलासपुर में पेश करेंगे शोध आलेख
बलिया। जिले के साहित्य जगत के लिए एक गौरवपूर्ण खबर सामने आई है। विकास संस्कृति साहित्य अकादमी की ओर से छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में 14 और 15 सितंबर को राष्ट्रीय अधिवेशन एवं संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। इस आयोजन में बलिया के चार साहित्यकारों को ‘साहित्य गौरव’ सम्मान से सम्मानित किया जाएगा। इसके साथ ही वे राष्ट्रीय संगोष्ठी में अपने शोध आलेख भी प्रस्तुत करेंगे।
राष्ट्रीय स्तर के इस कार्यक्रम में देश के विभिन्न हिस्सों से साहित्यकार, शोधकर्ता और विद्वान शामिल होंगे। संगोष्ठी का मुख्य विषय ‘राष्ट्रकवि की अवधारणा और भारत के राष्ट्रकवि’ रखा गया है। कार्यक्रम में भारतीय साहित्य में राष्ट्रीय चेतना, राष्ट्रकवि की अवधारणा और साहित्य के सामाजिक-सांस्कृतिक योगदान जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
Ballia के चार साहित्यकार करेंगे शोध आलेख प्रस्तुत
राष्ट्रीय संगोष्ठी में बलिया से डॉ. आदित्य अंशु, डॉ. सुनील कुमार ओझा, डॉ. फतेहचंद बेचैन और डॉ. रामशंकर वर्मा मनहर भाग लेंगे। चारों साहित्यकार राष्ट्रकवि की अवधारणा और राष्ट्रीय चेतना से जुड़े साहित्यिक विषयों पर अपने शोध विचार प्रस्तुत करेंगे।
कार्यक्रम के दौरान इन चारों साहित्यकारों को विकास संस्कृति साहित्य अकादमी की ओर से ‘साहित्य गौरव’ सम्मान प्रदान किया जाएगा। राष्ट्रीय मंच पर बलिया के साहित्यकारों को मिलने वाला यह सम्मान जिले की साहित्यिक गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
डॉ. बृजेश सिंह के साहित्य पर भी होगी चर्चा
राष्ट्रीय संगोष्ठी में बलिया के साहित्यकार डॉ. बृजेश सिंह की साहित्यिक रचनाओं पर किए गए शोध कार्यों को भी प्रमुखता मिलेगी। जानकारी के अनुसार, अलग-अलग राज्यों के विद्वानों ने उनके साहित्य को शोध का विषय बनाया है।
उनकी ‘आहुति महाकाव्य’ और ‘वेदमूर्ति महाकाव्य’ सहित राष्ट्रीय चेतना से जुड़े साहित्य पर शोध आलेख भी इस आयोजन में प्रस्तुत किए जाएंगे। इससे उनके साहित्य और बलिया की साहित्यिक परंपरा पर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का अवसर मिलेगा।
करीब 500 पृष्ठ के शोधग्रंथ का विमोचन
बिलासपुर में होने वाले राष्ट्रीय अधिवेशन का एक प्रमुख आकर्षण ‘राष्ट्रकवि की अवधारणा और भारत के राष्ट्रकवि’ विषय पर तैयार शोधग्रंथ का विमोचन भी होगा। बताया गया है कि यह शोधग्रंथ करीब 500 पृष्ठों का है, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों के साहित्यकारों और शोधकर्ताओं के आलेख शामिल किए गए हैं।
शोधग्रंथ में भारतीय साहित्य में राष्ट्रकवि की अवधारणा, राष्ट्रीय चेतना तथा साहित्य के सामाजिक और सांस्कृतिक प्रभाव जैसे विषयों पर शोधपरक सामग्री शामिल की गई है। संगोष्ठी में भी इन्हीं विषयों पर विद्वानों के बीच विचार-विमर्श होगा।
Ballia के साहित्य जगत में उत्साह
चार स्थानीय साहित्यकारों को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिलने की खबर से बलिया के साहित्यकारों और साहित्य प्रेमियों में उत्साह है। साहित्य से जुड़े लोगों के लिए ऐसे आयोजन स्थानीय प्रतिभाओं को व्यापक मंच देने का महत्वपूर्ण माध्यम माने जाते हैं।
बिलासपुर में होने वाला यह राष्ट्रीय कार्यक्रम बलिया के साहित्यकारों के लिए अपनी रचनात्मक और शोधपरक गतिविधियों को देशभर के विद्वानों के सामने रखने का अवसर प्रदान करेगा। साथ ही, इससे बलिया की साहित्यिक परंपरा और राष्ट्रीय चेतना से जुड़े साहित्यिक योगदान को भी व्यापक पहचान मिलने की उम्मीद है।
14 और 15 सितंबर को बिलासपुर में आयोजित होने वाला यह अधिवेशन बलिया के साहित्य जगत के लिए खास महत्व रखता है। चार साहित्यकारों को ‘साहित्य गौरव’ सम्मान और शोध आलेखों की प्रस्तुति इस आयोजन को जिले के साहित्यिक क्षेत्र के लिए एक उल्लेखनीय अवसर बनाती है।
Writter :Newsgali
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